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LinkedIn क्या है और इसका सही उपयोग कैसे करें

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LinkedIn के ज़रिये प्रोफेशनल नेटवर्किंग, नौकरी और personal branding LinkedIn क्या है और इसका सही उपयोग कैसे करें नमस्कार मित्रों, आपका स्वागत है। आज सोशल मीडिया का नाम आते ही ज़्यादातर लोग Facebook, Instagram या WhatsApp के बारे में सोचते हैं, लेकिन एक ऐसा प्लेटफॉर्म भी है जो दिखावे से ज़्यादा करियर और प्रोफेशनल पहचान पर ध्यान देता है, और वो है LinkedIn। LinkedIn एक प्रोफेशनल सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट है, जिसका उद्देश्य लोगों को आपस में काम, करियर और व्यवसाय के आधार पर जोड़ना है। यहाँ लोग मनोरंजन से ज़्यादा अपने कौशल, अनुभव और उपलब्धियों को साझा करते हैं। LinkedIn की शुरुआत 2002 में हुई थी और आज यह दुनिया का सबसे बड़ा प्रोफेशनल नेटवर्क बन चुका है। वर्तमान समय में यह Microsoft के अंतर्गत काम करता है और करोड़ों प्रोफेशनल्स, कंपनियाँ और रिक्रूटर्स इसका इस्तेमाल करते हैं। LinkedIn पर आपकी प्रोफाइल आपका डिजिटल रिज़्यूमे होती है। यह प्रोफाइल बताती है कि आप क्या काम करते हैं, आपकी skills क्या हैं और आपका अनुभव किस क्षेत्र से जुड़ा है। एक अच्छी प्रोफाइल के ज़रिये रिक्रूटर्स आप तक पहुँच सकते हैं...

ट्विटर क्या है? इसके मुख्य फीचर्स क्या है?

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Twitter नमस्कार मित्रों! स्वागत है आपका यहाँ। आज जानेंगे ट्विटर और इसके मुख्य फीचर्स के बारे में, वैसे तो twitter को इंटरनेट के sms के रूप में भी जाना जाता है। और लगभग सभी यूजर इसके बारे में जानता है यह लेख नए उपयोगकर्ता के लिए मार्गदर्शन हेतु लिखा गया है।  ट्विटर एक ऑनलाइन सोशल नेटवर्किंग सर्विस है जो उपयोगकर्ता (User) को 140 करैक्टर के छोटे संदेश भेजने और पढने की सुविधा देता है जिन्हें "tweets" कहा जाता है। पंजीकृत उपयोगकर्ता संदेश को पढ़ एवं प्रेषित कर सकते हैं परन्तु अन्य उपयोगकर्ता सिर्फ संदेश पढ़ सकते हैं। इसे कंप्यूटर एवं मोबाइल , दोनों से संचालित किया जा सकता है। वर्तमान में ट्विटर के दुनियाभर में 25 कार्यालय है और इसकी स्थापना सेन फ्रांसिस्को में हुई थी। ट्विटर मार्च 2006 में बनाया गया था और इसके निर्माता हैं: जैक डोरसे, एवन विलियम्स, ब्रिज टोन, और नूह ग्लास, ट्विटर जुलाई 2006 में लांच किया गया था। ट्विटर के मुख्य फीचर इस प्रकार है :  * ट्वीट : यह एक संदेश का टुकड़ा है जो की अधिकतम 140 और कुछ देशों में ये 280 करैक्टर का हो सकता है। शब्दों के बीच खाली...

इंटरनेट और इंट्रानेट क्या है? इनमे क्या अंतर है?

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What is internet and intranet? नमस्कार मित्रों, हम सभी इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं इंटरनेट किसे कहते हैं? और आपने इंट्रानेट नाम भी सुना होगा, दोनों में अंतर भी बहुत है, आज इन्हीं दो विषयों पर संक्षेप में बताऊंगा। इंटरनेट: इंटरनेट सुचना संप्रेषण (Information Communication) का एक वैश्विक कंप्यूटर  नेटवर्क (ऐसे कंप्यूटर जो आपस में कनेक्टेड है) है। यह उपयोगकर्ता को सुचना आदान-प्रदान करने का मंच प्रदान करता है। इंटरनेट में संचार के लिए विभिन्न प्रकार के प्रोटोकॉल्स का प्रयोग किया जाता है, जिससे डाटा ट्रांसफर में उद्देश्यपरकता को बनाए रखने में मदद मिलती है। इन कंप्यूटरों में सरकारी, विश्वविद्यालय, कम्पनीज एवं लोगों के व्यक्तिगत कंप्यूटर शामिल है। ज्यादातर इंटरनेट सेवा क्लाइंट / सर्वर मॉडल पर कार्य करती है। जब कोई कंप्यूटर फ़ाइल रिसीव कर रहा होता है तो वह क्लाइंट कहलाता है तथा जब वह फ़ाइल सेंड कर रहा होता है तो वह सर्वर बन जाता है। इंटरनेट पर एक्सेस प्राप्त करने के लिए उस क्षेत्र में इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर के साथ एकाउंट खोलना होता है। इंट्रानेट...

गूगल मैप्स की ये ट्रिक आप जरुर आजमाना चाहेंगे।

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how to use Google map नमस्कार मित्रों, स्वागत है आपका अपना-अंतर्जाल पे। दोस्तों आज के समय गूगल मैप्स (Google Map) का नाम सभी ने सुना है , और लगभग इस्तेमाल भी करते होंगे अलग-अलग काम के लिए। अपनी शुरुआत से लेकर अब तक गूगल मैप कई बदलावों से गुजरा है। इस दौरान इसके एप में समय-समय पर सैटेलाईट इमेजरी , इन्ट्रेस्ट के हजारों पॉइंट्स , स्ट्रीट व्यू, टर्न बाय टर्न नैविगेशन, ट्रैफिक कंडिशन, पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन जैसे कई फीचर्स जोड़े गए। आज 1 बिलियन से भी ज्यादा एक्टिव यूजर के साथ यह दुनिया का सबसे लोकप्रिय नैविगेशन सॉफ्टवेयर बन चूका है। अगर आप भी गूगल मैप्स का इस्तेमाल करते हैं तो इसके फीचर्स के बारे में जानकर आप अपने नैविगेशन को और भी बेहतर बना सकते हैं। * घर और ऑफिस का पता (address) सेव करें : गूगल मैप्स में उपर बाएं कोने में मेन्यु बटन पर क्लिक करके योर प्लेसेज पर टैप करेंगे तो होम और वर्क की एंट्रीज नजर आएगी। अब आपको इन जगहों पर जाने के लिए नैविगेट करने के लिए बार-बार एड्रेस डालने की जरूरत नहीं होगी। आप रेस्टोरेंट नियर वर्क जैसी सर्च इंटर करके गूगल के सजेशन की लिस्ट प्राप्त कर सकते हैं...

निजी और कॉमर्शियल उपयोग के लिए यहाँ से करें फ्री फ़ॉन्ट्स डाउनलोड।

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नमस्कार मित्रों, अगर आपको ऑनलाइन लेखन या दुसरे प्रोजेक्ट्स के लिए अलग-अलग फ़ॉन्ट्स की जरूरत पडती है तो आप कुछ वेबसाइट से आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं। हालाँकि इससे पहले आपको कुछ नियम व शर्तों पर गौर करना होगा क्योंकि कई फ़ॉन्ट्स लिमिटेड लाइसेंस वाले होते हैं, यानी आप उन्हें पर्सनल प्रोजेक्ट्स के लिए ही इस्तेमाल कर सकते हैं। कई वेबसाइट से आप कॉमर्शियल लाइसेंस वाले फ़ॉन्ट्स भी डाउनलोड कर सकते हैं।  जानिए ऐसी ही दो फ्री वेबसाइट के बारे में जहाँ से आप हजारों फ़ॉन्ट्स में से अपनी पसंद का फ़ॉन्ट चुनकर उसका निजी या व्यावसायिक इस्तेमाल कर सकते हैं। 1. गूगल फ़ॉन्ट्स :  गूगल फ़ॉन्ट्स  इस साईट पर कई किस्म के फ़ॉन्ट्स, जैसे सेरिफ़, सेन्स सेरिफ़, हेंडराइटिंग और मोनोस्पेस उपलब्ध है। इसमें फोटोशॉप और प्रोजेक्ट्स के लिए 135 भाषाओँ में सैंकड़ो फ्री फ़ॉन्ट्स उपलब्ध है। अपनी पसंद का फ़ॉन्ट चुनने के लिए फ़ॉन्ट्स को ब्राउज करके एड टू कलेक्शन पर क्लिक करने के बाद उन सभी को एक ज़िप फ़ाइल में डाउनलोड करें। फिर अनजिप करने पर ये फ़ॉन्ट्स इनस्टॉल के लिए .ओटीएफ (.otf) या .टीटीएफ (.ttf) फाइल्स म...

डोमेन नेम सिस्टम (DNS ) क्या है?

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DNS नमस्कार मित्रों स्वागत है यहाँ, आज जानेंगे डोमेन नेम सिस्टम (डीएनस) के बारे में डोमेन नेम सिस्टम इंटरनेट डोमेन नामों का पता लगाने और उनका इंटरनेट एड्रेस प्रोटोकॉल में अनुवाद करने का एक तरीका है। एक डोमेन नाम एक इंटरनेट एड्रेस को याद रखने का एक सार्थक और आसन तरीका है। डोमेन नेम सिस्टम (डीएनएस) कंप्यूटर, सेवाओं, या किसी भी इंटरनेट या एक निजी नेटवर्क से जुड़े रहने के लिए एक श्रेणीबद्ध वितरित नामकरण प्रणाली है। ये डोमेन नेम्स, जो की मनुष्य द्वारा आसानी से यद् किये जा सकते हैं, को संख्यात्मक आईपी पतों (numerical IP address) को परिवर्तित करने का तरीका है जिसकी आवश्यकता कंप्यूटर सेवाओं और डिवाइस के लिए दुनियाभर में होती है। डोमेन नाम प्रणाली सभी इंटरनेट सेवाओं की सुविधाओं का एक आवश्यक घटक है, क्योंकि यह इंटरनेट के प्राथमिक निर्देशिका सेवा (primary dirctory service) है। डोमेन नाम वर्णानुक्रमक (alphabetic) होते हैं। इसलिए याद करने में आसन होते हैं। इंटरनेट हालाँकि, वास्तव में इप पतों (IP addresses) पर आधारित है।हर बार जब आप एक डोमेन नाम का उपयोग करते हैं तब DNS सेवा इस डोमेन ना...

वेब सर्च इंजन क्या है? यह कैसे काम करता है?

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Popular Web Search Engine नमस्कार मित्रों, जैसा की सब जानते है की वेब पर किसी भी विषय के बारे में जानना हो तो ब्राउज़र के एड्रेस में लिखते है और सर्च कर लेते है, जो की ब्राउज़र में सेव पहले से ही डिफाल्ट सर्च इंजन हमें परिणाम दिखाता है। लेकिन वेब सर्च इंजिन क्या है? यह कैसे काम करता है? आईये जाने। एक वेब सर्च इंजन वह सॉफ्टवेयर है जिसे वर्ल्ड वाइड वेब से सबंधित सूचनाओं को खोजने के लिए बनाया गया है। सर्च रिजल्ट (खोजे गये परिणामों) को सामान्यत: परिणामों की एक सूचि के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, जिसे "सर्च इंजन रिजल्ट पेज" (s.e.r.p.) कहा जाता है। सुचना वेब पेज, छवियों और अन्य कई तरह की फाइलों का मिश्रण हो सकता है। कुछ सर्च इंजन डाटा बेस अथवा ऑपन डायरेक्ट्रीज (Open Directories) से भी डाटा माईन (खोज) करते हैं। एक सर्च इंजन वास्तविक समय में निम्नलिखित प्रक्रियाओं को सम्भालता है: 1. वेब क्रलिंग/ वेब स्पाइडर 2. इंडेक्सिंग (अनुक्रमण) 3. सर्चिंग (खोजना) एक वेब क्राउलर वह इंटरनेट बोट (bot) है जो वेब अनुक्रमण (इंडेक्सिंग) के लिए वर्ल्ड वाइड वेब को व्यवस्थित तरीक...

वेब ब्राउज़र क्या हैं? लोकप्रिय ब्राउज़र कौनसे हैं?

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Popular Browser नमस्कार मित्रों, स्वागत है आपका अपना अंतर्जाल पर। आज की पोस्ट में बताऊंगा ब्राउज़र और उसके प्रकार आज की पोस्ट उनके लिए है जो अभी इंटरनेट पर नए है, क्योंकि बाकि तो सभी जानते हैं की ब्राउज़र क्या है? ब्राउज़र (Browser) एक सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन है जो वर्ल्ड वाइड वेब पर कंटेंट को खोजने, प्राप्त करने (retrieve)एवं प्रदर्शित करने (display) में उपयोग में आती है, जैसे इमेजेज,वेब पेजेज, विडिओ कंटेंट्स आदि। एक क्लाइंट/सर्वर मॉडल की तरह, ब्राउज़र एक क्लाइंट की तरह काम करता है, जो यूजर के कंप्यूटर पर रन होता है। ब्राउज़र वेब सर्वर को संम्पर्क (कांटेक्ट) करके इन्फोर्मेशन रिक्वेस्ट करता है। उसके बाद वेब सर्वर इन्फोर्मेशन प्राप्त करके वापिस इन्फोर्मेशन वेब ब्राउज़र को भेज देता है, ब्राउज़र इस इन्फोर्मेशन को प्रोसेस करके कंप्यूटर पर डिस्प्ले कर देता है। आज के ब्राउज़र अत्याधुनिक है एवं पुरी तरह से कार्यात्मक (fully functional) सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन है जो वेब सर्वर पर होस्टेड वेब पेजेज, एप्लीकेशन, जावा स्क्रिप्ट एवं अन्य तरह के कंटेंट्स को प्रोसेस और प्रदर्शित कर सकते हैं। वेब ब्राउज़र ए...

वेबसाइट क्या है? इसके कितने प्रकार है?

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Website नमस्कार मित्रों, स्वागत है आपका , पिछली पोस्ट में आपने पढ़ा ब्लॉग क्या है? इ-कॉमर्स क्या है? क्लाउड स्टोरेज क्या है? यूआरएल क्या है? यदि आपने नही पढ़ा तो  यहाँ क्लिक  करे सभी पोस्ट एक ही जगह मिल जाएगी, आज आपको बताऊंगा वेबसाइट और उसके प्रकार के बारे में। वेबसाइट  क्या है? एक वेबसाइट, वर्ल्ड वाइड वेब (www) फाइलों का एक सबंधित संग्रह है, जिसमे साथ में एक पेज भी होता है जिसे होमपेज कहते हैं। एक होमपेज वो पेज होता है जो किसी भी वेबसाइट को एक्सेस करने पर सबसे पहले खुलता है। प्राय: कोई भी कम्पनी या एक व्यक्ति जिसकी वेबसाइट होती है वो आपको अपनी वेबसाइट के होमपेज का पता (एड्रेस) देता है क्योंकि होम पेज के द्वारा आप पूरी वेबसाइट को नेविगेट कर सकते हैं और किसी भी पेज पर पहुंच सकते हो। वेबसाइट से कई कार्य किये जा सकते हैं, वेबसाइट किसी की निजी वेबसाइट भी हो सकती है या फिर एक वाणिज्यिक वेबसाइट हो सकती है, एक सरकारी वेबसाइट या एक गैर-लाभकारी संगठन वेबसाइट हो सकती है। वेबसाइट एक व्यक्ति, एक व्यापार या अन्य संगठन का काम हो सकता है, और आमतौर पर एक वेबसाइट एक विशेष वि...

युनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर (URL) और HTTP एवं HTTPS क्या है?

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What is Uniform Resource Locator नमस्कार मित्रों , जय माता दी! नवरात्रा चल रहे हैं, इस समय मन काफी धर्मिक प्रवर्ती का हो जाता है पुरे वर्ष में ये 9 दिन बहुत ही अच्छे गुजरते हैं, दिमाग भी ताजा रहता है। पिछली कुछ पोस्ट में अपने जाना ब्लॉग क्या है? और उसके प्रकार, इ-कॉमर्स क्या है? और क्लाउड स्टोरेज क्या है? , आज आपको बताने जा रहा हूँ युनिफोर्म रिसोर्स लोकेटर (URL) और HTTP तथा HTTPS के बारे में। युनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर (URL): एक युनिफोर्म रिसोर्स लोकेटर (युआरएल) आमतौर पर एक वेब पते के रूप में जाना जाता है, एक वेब संसाधन का संदर्भ है, युआरएल एक कंप्यूटर नेटवर्क पर इसका स्थान पता लगाने के लिए और उसको प्राप्त करने के लिए जाता है। यूआरएल वेब पृष्ठों (HTTP) के संदर्भ (Reference) के लिए सबसे अधिक उपयोग किये जाते हैं, लेकिन यह डाटाबेस एक्सेस (JDBC) फ़ाइल स्थान्तरण (एफटीपी), ई-मेल के लिए भी उपयोग किया जाता है। अधिकांश ब्राउजर वेब पेज के यूआरएल को एड्रेस बार में प्रदर्शित करते हैं। url system यूआरएल एक वेबसाइट, फ़ाइल या सामान्य प्रारूप में दस्तावेज के लिए एक इंटरनेट पता है; h...

क्लाउड स्टोरेज क्या है? और प्रचलित सर्विस कौनसी है?

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Cloud Storage नमस्कार मित्रों, स्वागत है आपका अपना अंतर्जाल पर, पिछली पोस्ट में आप जान चुके हैं ब्लॉग क्या है? और इ-कॉमर्स क्या है? आज जानेंगे क्लाउड स्टोरेज के बारे में। क्लाउड स्टोरेज : क्लाउड स्टोरेज एक तरीके का सर्विस मॉडल है जहाँ डाटा, यूजर को नेटवर्क के माध्यम से प्रदान किया जाता है और डाटा को रिमोटली ही मैनेज, सार-संभाल और बैकअप लिया जाता है।क्लाउड स्टोरेज, डाटा स्टोरेज का एक मॉडल है, जहाँ डिजिटल डाटा लॉजिकल पूल में स्टोरेज किया जाता है। फिजिकल डाटा वातावरण को एक होस्टिंग कम्पनी सम्भालती है। यह इन कंपनियों की जिम्मेदारी है की फिजिकल वातावरण सुचारू रूप से चलता रहे, डाटा हमेशा उपलब्ध रहे और सुरक्षित रहे। ग्राहक और कम्पनियां अपना डाटा या एप्लीकेशन को स्टोर करने के लिए इस डाटा सर्विस को खरीद सकते हैं। क्लाउड स्टोरेज को पास में रखे हुए कंप्यूटर, वेब एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (API) या इस API का इस्तेमाल करने वाली एप्लीकेशन, जैसे की क्लाउड डेस्कटॉप स्टोरेज, क्लाउड स्टोरेज गेटवे या वेब आधारित कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम के द्वारा एक्सेस किया जा सकता है। साधारण भाषा में ...

इ-कॉमर्स क्या है? पुरी जानकारी मिलेगी यहाँ।

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इ-कॉमर्स  नमस्कर मित्रों , आज जानेगे इ-कॉमर्स क्या है और इसके प्रकार और उपयोग के बारे में आजकल इ-कॉमर्स का प्रचलन अधिक है तो सोचा क्यों ना इस पर एक पोस्ट हो जाए। इ-कॉमर्स (इलेक्ट्रोनिक कॉमर्स) : किसी भी समान को इलेक्ट्रोनिक माध्यम (मुख्य रूप में इंटरनेट) से खरीदा या बेचा जाये उसे इ-कॉमर्स कहते हैं। ऑनलाइन रिटेल बहुत आरामदायक होता है क्योंकि एक तो वह 24 घंटे उपलब्ध रहता है, वैश्विक स्तर पर उपलब्ध होता है और आमतौर पर अच्छी ग्राहक सेवा प्रदान करता है। ई-कॉमर्स व्यपार में निम्नलिखित विशेषताएं होती है : * ऑनलाइन शौपिंग साईट, खुदरा बिक्री -सीधे ग्राहक के लिए। * बेचने वाला ऑनलाइन बाजार (मार्केटप्लेस) में भाग ले सकता है जो की व्यापार ग्राहक, या ग्राहक - ग्राहक बेचने का माध्यम प्रदान करता है। * व्यापार - व्यापार (Business 2 Business) खरीदना और बेचना।  * डेमोग्राफी डाटा को एकत्रित करना (सोशल मिडिया और वेब कॉन्टेक्ट्स द्वारा) * B2B इलेक्ट्रोनिक डाटा एक दुसरे से आदान-प्रदान करना। * ईमेल और फेक्स के द्वारा क्लाइंट्स और सबंधित ग्राहकों को पाने के लिए मार्केटिंग कर...

ब्लॉग क्या है? इसके कितने प्रकार है?

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ब्लॉग क्या है? नमस्कार मित्रों, आज बात करते हैं ब्लॉग के बारे में, इस आलेख में जानेंगे की ब्लॉग क्या है? ब्लॉग किसे कहते हैं? और ब्लॉग के कितने प्रकार होते हैं? एक ब्लॉग, जानकारी या चर्चा हेतु तेयार की गयी वेबसाइट है जो की डिस्क्रिट प्रविष्ठियां (अलग-अलग), जिन्हें पोस्ट भी कहा जाता है, से मिलकर बनी होती है तथा जो आमतौर पर रिवर्स क्रानिकल यानि जो पोस्ट हाल ही में की गई है वो पोस्ट सबसे ऊपर के रूप में दिखाई जाती है। सन 2009 तक ब्लॉगस आमतौर पर एक ही व्यक्ति का काम होता था, कभी कभार इसे एक समूह वाले, एक ही विषय पर वार्तालाप करने के लिए उपयोग में लेते थे, अभी हाल ही में बहुत से बहु लेखक ब्लॉग (मल्टी ऑथर ब्लॉग) विकसित हुए हैं। जिनमे बहुत से लेखकों द्वारा पोस्ट लिखी जाती है तथा पेशेवरों द्वारा संपादित की जाती है। समाचार पत्रों के पेशेवर, अन्य मिडिया के आउटलेट्स, विश्वविद्यालयों के विचारक समूह, वकालत समूह इत्यादि की उपस्थिति तथा योगदान की वजह से ब्लॉग ट्रैफिक लगातार बढ़ रहा है। ट्विटर एवं अन्य माईक्रोब्लोगिंग सिस्टम ब्लॉगस को संगठित कर नयी धारणाओं में एकीकृत करने में मदद करते...

स्मार्टफोन की बैट्री से जुडी कुछ गलतफहमियां

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नमस्कार दोस्तों, आज के समय स्मार्टफोन सभी के पास है और सभी उसे अच्छी तरह से मैनेज करते हैं। लेकिन बात जब बैट्री की आती है तो कुछ गलतफहमियां दिमाग में घर कर जाती है और कुछ दोस्त दिमाग में डाल देते हैं।  आईये जाने स्मार्टफोन की बैट्री से जुडी गलतफहमियां।  1. बार-बार चार्ज करना -: बार-बार स्मार्टफोन को चार्ज करने पर बैट्री लाइफ पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। एक बैट्री में तयशुदा चार्ज सायकल होती है। इन्हें निश्चित बार ही चार्ज किया जा सकता है, लेकिन एक चार्ज सायकल में कई चार्ज शामिल किये जा सकते हैं। 2. दुसरे अडॉप्टर से चार्जिंग -: नए स्मार्टफोन के मोर्डन बैट्री पैक्स में सेफगार्ड्स होते हैं जो उतना ही इनपुट स्वीकार करते हैं जितना वे सम्भाल सके। आप आप बिना झिझक के उस अडॉप्टर को उपयोग में ले सकते हैं जो आपके स्मार्टफोन में फिट हो सके। आईफोन वाले भी एंड्राइड चार्जर उपयोग में ले सकते हैं। फर्क सिर्फ चार्जिंग स्पीड में नजर आता है। सभी डिवाइसेस में क्विक चार्जिंग टेक्नोलॉजी नहीं होती है। इसलिए दुसरे चार्जर से बैट्री चार्ज करने पर अधिक समय लग सकता है।  3. चार्जिंग...

फेसबुक और इन्स्टाग्राम को सीमित समय तक इस्तेमाल करने का तरीका

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नमस्कार मित्रों,स्वागत है एक बार फिर अपना अंतर्जाल पे, आज मैं आपको बताऊंगा फेसबुक और इन्स्टाग्राम को सिमित समय तक इस्तेमाल करने का तरीका। पिछले दिनों फेसबुक और इन्स्टाग्राम ने यूजर्स की जरूरत देखते हुए, अपने एप में टाइम मेनेजमेंट के लिए एक नया फीचर एड किया था। इस फीचर के जरिये यूजर को अपने एक्टिव होने के समय का नोटिफिकेशन के जरिये अपडेट मिलता है। इस नए फीचर से फेसबूक और इन्स्टाग्राम को इस्तेमाल करने की समय सीमा निर्धारित की जाती है। इस फीचर से आप 15 मिनट से लेकर 8 घंटे तक की समय सीमा सेट कर सकते हैं, इसके बाद आपके तय समय के पूरा होते ही स्क्रीन पे नोटिफिकेशन दिखने लगता है। यह फीचर उन यूजर्स के लिए बहुत ही काम का है जो लम्बे समय से सोशल मिडिया पर एक्टिव रहने की आदत से लाचार है। क्योंकि उनके लिए ये इस्तेमाल के समय निर्धारित करने में सहायक है।  फेसबुक के इस्तेमाल का निर्धरित समय सेट करने के लिए, आप सबसे पहले फेसबुक सेटिंग में जाएँ, फिर योर टाइम ऑन फेसबुक के ऑप्शन पे क्लिक करें। अब एक टाइम ग्राफ आपको दिखेगा। इस से आप रोजाना खर्च होने वाले समय को तय कर सकते हैं। अप...