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21 अक्तूबर 2018

निजी और कॉमर्शियल उपयोग के लिए यहाँ से करें फ्री फ़ॉन्ट्स डाउनलोड।

download Free Fonts from here

नमस्कार मित्रों, अगर आपको ऑनलाइन लेखन या दुसरे प्रोजेक्ट्स के लिए अलग-अलग फ़ॉन्ट्स की जरूरत पडती है तो आप कुछ वेबसाइट से आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं। हालाँकि इससे पहले आपको कुछ नियम व शर्तों पर गौर करना होगा क्योंकि कई फ़ॉन्ट्स लिमिटेड लाइसेंस वाले होते हैं, यानी आप उन्हें पर्सनल प्रोजेक्ट्स के लिए ही इस्तेमाल कर सकते हैं। कई वेबसाइट से आप कॉमर्शियल लाइसेंस वाले फ़ॉन्ट्स भी डाउनलोड कर सकते हैं। 

जानिए ऐसी ही दो फ्री वेबसाइट के बारे में जहाँ से आप हजारों फ़ॉन्ट्स में से अपनी पसंद का फ़ॉन्ट चुनकर उसका निजी या व्यावसायिक इस्तेमाल कर सकते हैं।

google fonts
गूगल फ़ॉन्ट्स 

इस साईट पर कई किस्म के फ़ॉन्ट्स, जैसे सेरिफ़, सेन्स सेरिफ़, हेंडराइटिंग और मोनोस्पेस उपलब्ध है। इसमें फोटोशॉप और प्रोजेक्ट्स के लिए 135 भाषाओँ में सैंकड़ो फ्री फ़ॉन्ट्स उपलब्ध है। अपनी पसंद का फ़ॉन्ट चुनने के लिए फ़ॉन्ट्स को ब्राउज करके एड टू कलेक्शन पर क्लिक करने के बाद उन सभी को एक ज़िप फ़ाइल में डाउनलोड करें। फिर अनजिप करने पर ये फ़ॉन्ट्स इनस्टॉल के लिए .ओटीएफ (.otf) या .टीटीएफ (.ttf) फाइल्स में नजर आएंगे। सभी गूगल फ़ॉन्ट्स के ओपनसोर्स होने से आप उनमे बदलाव भी कर सकते हैं और कॉमर्शियल उपयोग में ले सकते हैं।


dafont
डाफॉन्ट 

यह पर्सनल प्रोजेक्ट के लिए फ्री फ़ॉन्ट डाउनलोड करने के लिए अधिकारिक वेबसाइट है। वेब डिजाइनिंग के लिए आपको यहाँ बहुत जी स्टाइलिश फ़ॉन्ट्स मिलते हैं। साथ ही फैंसी, हॉरर, विडिओ गेम, एलियन, गोथिक, हैलोवीन जैसे फ़ॉन्ट्स भी मिलते हैं। कॉमर्शियल उपयोग के लिए फ़ॉन्ट्स डाउनलोड करना हो तो सर्च करने से पहले इन तीन फिल्टर्स पर क्लिक करके अतिरिक्त जानकारी ले सकते हैं। ये है मोर ऑप्शन, 100% फ्री और पब्लिक डोमेन। इसके अलावा दुसरे फिल्टर जैसे वेरिएंट्स, साइज़, शोर्टिंग मेथड, लाइसेंस आदि भी उपलब्ध है। यही नहीं, आप पेज पर कोई टेक्स्ट टाइप करके सभी फ़ॉन्ट्स के सेम्पल का तुरंत प्रीव्यू भी देख सकते हैं।

दोनों वेबसाइट का लिंक वेबसाइट के नाम में ही है।

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18 अक्तूबर 2018

डोमेन नेम सिस्टम (DNS ) क्या है?

What is Domain Name System?
DNS
नमस्कार मित्रों स्वागत है यहाँ, आज जानेंगे डोमेन नेम सिस्टम (डीएनस) के बारे में डोमेन नेम सिस्टम इंटरनेट डोमेन नामों का पता लगाने और उनका इंटरनेट एड्रेस प्रोटोकॉल में अनुवाद करने का एक तरीका है। एक डोमेन नाम एक इंटरनेट एड्रेस को याद रखने का एक सार्थक और आसन तरीका है।

डोमेन नेम सिस्टम (डीएनएस) कंप्यूटर, सेवाओं, या किसी भी इंटरनेट या एक निजी नेटवर्क से जुड़े रहने के लिए एक श्रेणीबद्ध वितरित नामकरण प्रणाली है। ये डोमेन नेम्स, जो की मनुष्य द्वारा आसानी से यद् किये जा सकते हैं, को संख्यात्मक आईपी पतों (numerical IP address) को परिवर्तित करने का तरीका है जिसकी आवश्यकता कंप्यूटर सेवाओं और डिवाइस के लिए दुनियाभर में होती है।

डोमेन नाम प्रणाली सभी इंटरनेट सेवाओं की सुविधाओं का एक आवश्यक घटक है, क्योंकि यह इंटरनेट के प्राथमिक निर्देशिका सेवा (primary dirctory service) है। डोमेन नाम वर्णानुक्रमक (alphabetic) होते हैं। इसलिए याद करने में आसन होते हैं। इंटरनेट हालाँकि, वास्तव में इप पतों (IP addresses) पर आधारित है।हर बार जब आप एक डोमेन नाम का उपयोग करते हैं तब DNS सेवा इस डोमेन नाम को एक विशिष्ट आईपी पते में बदल देती है उदाहरण के लिए, डोमेन नेम www.example.com, आईपी एड्रेस 198.105.232.4 में परिवर्तित हो सकता है।

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16 अक्तूबर 2018

वेब सर्च इंजन क्या है? यह कैसे काम करता है?

Popular Web Search Engine
Popular Web Search Engine


नमस्कार मित्रों, जैसा की सब जानते है की वेब पर किसी भी विषय के बारे में जानना हो तो ब्राउज़र के एड्रेस में लिखते है और सर्च कर लेते है, जो की ब्राउज़र में सेव पहले से ही डिफाल्ट सर्च इंजन हमें परिणाम दिखाता है।

लेकिन वेब सर्च इंजिन क्या है? यह कैसे काम करता है? आईये जाने।

एक वेब सर्च इंजन वह सॉफ्टवेयर है जिसे वर्ल्ड वाइड वेब से सबंधित सूचनाओं को खोजने के लिए बनाया गया है। सर्च रिजल्ट (खोजे गये परिणामों) को सामान्यत: परिणामों की एक सूचि के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, जिसे "सर्च इंजन रिजल्ट पेज" (s.e.r.p.) कहा जाता है। सुचना वेब पेज, छवियों और अन्य कई तरह की फाइलों का मिश्रण हो सकता है। कुछ सर्च इंजन डाटा बेस अथवा ऑपन डायरेक्ट्रीज (Open Directories) से भी डाटा माईन (खोज) करते हैं।

एक सर्च इंजन वास्तविक समय में निम्नलिखित प्रक्रियाओं को सम्भालता है:
1. वेब क्रलिंग/ वेब स्पाइडर
2. इंडेक्सिंग (अनुक्रमण)
3. सर्चिंग (खोजना)

एक वेब क्राउलर वह इंटरनेट बोट (bot) है जो वेब अनुक्रमण (इंडेक्सिंग) के लिए वर्ल्ड वाइड वेब को व्यवस्थित तरीके से ब्राउज करता है। सर्च इंजन वेब क्राउलिंग या स्पाइडर सोफ्टवेयरों का उपयोग अपनी वेब कंटेंट (सामग्री) या दुसरी वेबसाइट के कंटेंट अनुक्रमण को अद्यतन (अपडेट) बनाने के लिए करते हैं। वेब क्राउलर विजिट किये गये सभी पृष्ठों की प्रतिलिपि (कॉपी) तेयार कर प्रस्तुत कर सकता है जिसके डाउनलोड किये गये पेजों को बाद में सर्च इंजन द्वारा अनुक्रमित किया जा सकता है जिसे उपयोगकर्ता (यूजर) और अधिक कुशलता से खोज (सर्च) सकता है।

इंडेक्सिंग अनुक्रमण का अर्थ वेब पेज पर पाए गये सबंधित शब्दों और परिभाषित हो सकने वाले टोकनो को उनके डोमेन-नेम और एच.टी.एम.एल. (HTML) फिल्ड से जोड़ना है।  इनका जोड़ सार्वजनिक डेटा बेस में किया जाता है जो वेब सर्च क्वेरी के लिए उपलब्ध रहता है। यूजर के द्वारा एक शब्द के रूप में भी क्वेरी की जा सकती है। अनुक्रमण (इंडेक्स) सबंधित सूचनाओं को शीघ्र से शीघ्र खोजने में मदद करता है।

आमतौर पर जब कोई यूजर कोई क्वेरी करता है तो वह कुछ शब्दों का समूह होता है। इंडेक्स में निहित तौर पर उन सभी वेबसाईटों के नाम होते हैं जहाँ क्वेरी शब्दों के कीवर्ड होते हैं एवं उन्हें तत्काल या क्षणिक तौर पर इंडेक्स से प्राप्त किया जा सकता है। वास्तविक प्रोसेसिंग लोड इन वेब-पेज (खोजे गये परिणामों) को सूचीबद्ध करने में लगता है।

सर्च इंजन की उपयोगिता परिणामों की प्रासंगिकता पर निर्भर करती है। उसी शब्द /शब्दांशों से सबंधित जानकारी लाखों वेबसाइट पर उपलब्ध होती है लेकिन उनमें से कुछ पेज दूसरों की तुलना में क्वेरी से अधिक प्रासंगिक एवं लोकप्रिय हो सकते हैं। अधिकतर सर्च इंजन परिणामों की रैंकिंग करके सबसे अच्छे परिणामों को सर्च रिजल्ट के रूप में प्रस्तुत करते हैं।

कौनसा पेज सबसे ज्यादा मैच करता है? किस क्रम में परिणामों को दिखाया जाना है? यह सुनिश्चित करने की प्रक्रिया हरेक सर्च इंजन अलग-अलग होती है। शोध के अनुसार, आज सबसे ज्यादा लोकप्रिय सर्च इंजन जिन्हें इंटरनेट समुदायों द्वारा अत्यधिक काम में लिया जा रहा है वो निम्न है:
1. गूगल (Google)
2. बिंग (Bing)
3. याहू (Yahoo)
4. बायडू
5. एओएल (AOL जिसे पहले अमेरिकन ऑनलाइन कहा जाता था)
6. आस्क
7. लाइकोस

गूगल सर्च जिसे सामान्यत: गूगल वेब सर्च या गूगल कहकर संबोधित किया जाता है, गूगल इनकार्पोरेशन का एक वेब सर्च इंजन है। यह वर्ल्ड वाइड वेब पर सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला सर्च इंजन है, जिसमे हर रोज तीस करोड़ से भी अधिक सर्च किये जाते हैं। गूगल के सर्च-रिजल्ट पेज का ऑर्डर "पेजरैंक" नामक पेटेंटेड प्रायोरिटी रैंक अल्गोरिद्म पर आधारित है।
गूगल सर्च का मुख्य उद्धेश्य वेब सर्वर पर सार्वजानिक रूप से उपलब्ध दस्तावेजों में शब्दों की खोज करना है ना की डेटाबेस में उपलब्ध चित्र या डाटा खोजना। यह मूल रूप से 1997 में लेरी पेज और सर्गेइ ब्रिन द्वारा विकसित किया गया था।

बिंग भी एक वेब सर्च इंजन है जिसे पहले लाइव (Live) सर्च, विंडोज लाइव सर्च एवं एम.एस.एन. (MSN सर्च) के नाम से भी जाना जाता था। इसे "डिसीजन इंजन" के रूप में माइक्रोसॉफ्ट द्वारा विज्ञापित किया गया था। बिंग का अनावरण 28 मई 2009 को माइक्रो सॉफ्ट के सीईओ स्टीव बाल्बर द्वारा किया गया।

अगली बार मिलते है कुछ ऐसी ही जानकारीवर्धक पोस्ट के साथ।

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13 अक्तूबर 2018

वेब ब्राउज़र क्या हैं? लोकप्रिय ब्राउज़र कौनसे हैं?

About Browser
Popular Browser
नमस्कार मित्रों, स्वागत है आपका अपना अंतर्जाल पर। आज की पोस्ट में बताऊंगा ब्राउज़र और उसके प्रकार आज की पोस्ट उनके लिए है जो अभी इंटरनेट पर नए है, क्योंकि बाकि तो सभी जानते हैं की ब्राउज़र क्या है?

ब्राउज़र (Browser) एक सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन है जो वर्ल्ड वाइड वेब पर कंटेंट को खोजने, प्राप्त करने (retrieve)एवं प्रदर्शित करने (display) में उपयोग में आती है, जैसे इमेजेज,वेब पेजेज, विडिओ कंटेंट्स आदि। एक क्लाइंट/सर्वर मॉडल की तरह, ब्राउज़र एक क्लाइंट की तरह काम करता है, जो यूजर के कंप्यूटर पर रन होता है। ब्राउज़र वेब सर्वर को संम्पर्क (कांटेक्ट) करके इन्फोर्मेशन रिक्वेस्ट करता है। उसके बाद वेब सर्वर इन्फोर्मेशन प्राप्त करके वापिस इन्फोर्मेशन वेब ब्राउज़र को भेज देता है, ब्राउज़र इस इन्फोर्मेशन को प्रोसेस करके कंप्यूटर पर डिस्प्ले कर देता है।

आज के ब्राउज़र अत्याधुनिक है एवं पुरी तरह से कार्यात्मक (fully functional) सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन है जो वेब सर्वर पर होस्टेड वेब पेजेज, एप्लीकेशन, जावा स्क्रिप्ट एवं अन्य तरह के कंटेंट्स को प्रोसेस और प्रदर्शित कर सकते हैं। वेब ब्राउज़र एक यूजर इंटरफेस, लेआउट इंजन, रेंडरिंग इंजन, जावा स्क्रिप्ट इंटरप्रेटर, यूजर इंटरफेस बेक एंड, नेटवर्क एवं डाटा कम्पोनेंट्स से मिलकर बनता है।

अधिकांश प्रमुख वेब ब्राउज़र के यूजर इंटरफेस में कुछ समान अवयव होते हैं जिनके नाम अलग-अलग ब्राउज़र में अलग-अलग हो सकते हैं।

ये अवयव (एलेमेंट्स) निम्नलिखित हैं :

* पीछे और आगे के बटन्स (बैक व फोरवर्ड बटन्स) : क्रमश: पिछले या आगे के संसाधन में जाने के लिए।
* एक रिफ्रेश या रीलोड बटन, मौजूदा संसाधन (रिसोर्स पेज) को फिर से लोड करने के लिए।
* एक स्टॉप बटन, रिसोर्स लोडिंग रद्द करने के लिए। कुछ ब्राउज़रों में, स्टॉप बटन को रीलोड के साथ विलय कर दिया जाता है, मतलब जब आप रीलोड बटन को दबाते है तभी स्टॉप बटन दिखाई देता है स्टॉप करने के लिए।
* एक होम बटन, यूजर (उपयोगकर्ता) के मुख्य पृष्ठ (होमपेज) पर लौटने के लिए।
* एक एड्रेस बार जो वांछित संसाधन या पेज का यूनिफार्म रिसोर्स आइडेंटिफायर (Uniform Resource Identifier - URI) इनपुट करने में काम आती है।
* एक सर्च इंजन में इनपुट शब्दों के लिए एक सर्चबार। कुछ ब्राउज़रों में, सर्च बार को एड्रेस बार के साथ विलय कर दिया जाता है। 
* एक स्टेट्स बार जो संसाधन या पेज को लोड करने में प्रगतिं प्रदर्शन करती है, साथ में जूमिंग बटन्स भी होते हैं।
* व्यूपोर्ट, ब्राउज़र विंडो के अंदर वेबपेज के दृश्य क्षेत्र।
* एक पेज के लिए HTML सोर्स (स्रोत) को देखने की क्षमता।
* प्रमुख ब्राउजरों में एक वेब पेज के अंदर खोज करने के लिए इंक्रीमेंटल फाइंड फीचर भी होता है।
* अधिकतर ब्राउजर HTTP सिक्योर को सपोर्ट करते हैं और वेब कैश, डाउनलोड हिस्ट्री को नष्ट करने के लिए त्वरित और आसान तरीके प्रस्तुत करते हैं।

वर्तमान में दो सबसे ज्यादा लोकप्रिय ब्राउज़र है - माइक्रोसॉफ्ट इन्टरनेट एक्स्प्लोरर / माइक्रोसोफ्ट एज और गूगल क्रोम। अन्य प्रमुख ब्राउज़रों में मोजिला फायरफॉक्स, एप्पल सफारी और ओपेरा शमिल है। 
क्रोम ब्राउज़र को डिफॉल्ट ब्राउज़र के रूप में सेट रखना चाहिए क्योंकि यह गूगल आधारित अन्य सेवाओं के साथ सहज एकीकरण (सीमलेस इंटीग्रेशन) के कारण और अधिक सुविधाजनक बन जाता है। सभी ब्राउज़र के डाउनलोड लिंक नाम में ही है।

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