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16 अक्तूबर 2018

वेब सर्च इंजन क्या है? यह कैसे काम करता है?

Popular Web Search Engine
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नमस्कार मित्रों, जैसा की सब जानते है की वेब पर किसी भी विषय के बारे में जानना हो तो ब्राउज़र के एड्रेस में लिखते है और सर्च कर लेते है, जो की ब्राउज़र में सेव पहले से ही डिफाल्ट सर्च इंजन हमें परिणाम दिखाता है।

लेकिन वेब सर्च इंजिन क्या है? यह कैसे काम करता है? आईये जाने।

एक वेब सर्च इंजन वह सॉफ्टवेयर है जिसे वर्ल्ड वाइड वेब से सबंधित सूचनाओं को खोजने के लिए बनाया गया है। सर्च रिजल्ट (खोजे गये परिणामों) को सामान्यत: परिणामों की एक सूचि के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, जिसे "सर्च इंजन रिजल्ट पेज" (s.e.r.p.) कहा जाता है। सुचना वेब पेज, छवियों और अन्य कई तरह की फाइलों का मिश्रण हो सकता है। कुछ सर्च इंजन डाटा बेस अथवा ऑपन डायरेक्ट्रीज (Open Directories) से भी डाटा माईन (खोज) करते हैं।

एक सर्च इंजन वास्तविक समय में निम्नलिखित प्रक्रियाओं को सम्भालता है:
1. वेब क्रलिंग/ वेब स्पाइडर
2. इंडेक्सिंग (अनुक्रमण)
3. सर्चिंग (खोजना)

एक वेब क्राउलर वह इंटरनेट बोट (bot) है जो वेब अनुक्रमण (इंडेक्सिंग) के लिए वर्ल्ड वाइड वेब को व्यवस्थित तरीके से ब्राउज करता है। सर्च इंजन वेब क्राउलिंग या स्पाइडर सोफ्टवेयरों का उपयोग अपनी वेब कंटेंट (सामग्री) या दुसरी वेबसाइट के कंटेंट अनुक्रमण को अद्यतन (अपडेट) बनाने के लिए करते हैं। वेब क्राउलर विजिट किये गये सभी पृष्ठों की प्रतिलिपि (कॉपी) तेयार कर प्रस्तुत कर सकता है जिसके डाउनलोड किये गये पेजों को बाद में सर्च इंजन द्वारा अनुक्रमित किया जा सकता है जिसे उपयोगकर्ता (यूजर) और अधिक कुशलता से खोज (सर्च) सकता है।

इंडेक्सिंग अनुक्रमण का अर्थ वेब पेज पर पाए गये सबंधित शब्दों और परिभाषित हो सकने वाले टोकनो को उनके डोमेन-नेम और एच.टी.एम.एल. (HTML) फिल्ड से जोड़ना है।  इनका जोड़ सार्वजनिक डेटा बेस में किया जाता है जो वेब सर्च क्वेरी के लिए उपलब्ध रहता है। यूजर के द्वारा एक शब्द के रूप में भी क्वेरी की जा सकती है। अनुक्रमण (इंडेक्स) सबंधित सूचनाओं को शीघ्र से शीघ्र खोजने में मदद करता है।

आमतौर पर जब कोई यूजर कोई क्वेरी करता है तो वह कुछ शब्दों का समूह होता है। इंडेक्स में निहित तौर पर उन सभी वेबसाईटों के नाम होते हैं जहाँ क्वेरी शब्दों के कीवर्ड होते हैं एवं उन्हें तत्काल या क्षणिक तौर पर इंडेक्स से प्राप्त किया जा सकता है। वास्तविक प्रोसेसिंग लोड इन वेब-पेज (खोजे गये परिणामों) को सूचीबद्ध करने में लगता है।

सर्च इंजन की उपयोगिता परिणामों की प्रासंगिकता पर निर्भर करती है। उसी शब्द /शब्दांशों से सबंधित जानकारी लाखों वेबसाइट पर उपलब्ध होती है लेकिन उनमें से कुछ पेज दूसरों की तुलना में क्वेरी से अधिक प्रासंगिक एवं लोकप्रिय हो सकते हैं। अधिकतर सर्च इंजन परिणामों की रैंकिंग करके सबसे अच्छे परिणामों को सर्च रिजल्ट के रूप में प्रस्तुत करते हैं।

कौनसा पेज सबसे ज्यादा मैच करता है? किस क्रम में परिणामों को दिखाया जाना है? यह सुनिश्चित करने की प्रक्रिया हरेक सर्च इंजन अलग-अलग होती है। शोध के अनुसार, आज सबसे ज्यादा लोकप्रिय सर्च इंजन जिन्हें इंटरनेट समुदायों द्वारा अत्यधिक काम में लिया जा रहा है वो निम्न है:
1. गूगल (Google)
2. बिंग (Bing)
3. याहू (Yahoo)
4. बायडू
5. एओएल (AOL जिसे पहले अमेरिकन ऑनलाइन कहा जाता था)
6. आस्क
7. लाइकोस

गूगल सर्च जिसे सामान्यत: गूगल वेब सर्च या गूगल कहकर संबोधित किया जाता है, गूगल इनकार्पोरेशन का एक वेब सर्च इंजन है। यह वर्ल्ड वाइड वेब पर सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला सर्च इंजन है, जिसमे हर रोज तीस करोड़ से भी अधिक सर्च किये जाते हैं। गूगल के सर्च-रिजल्ट पेज का ऑर्डर "पेजरैंक" नामक पेटेंटेड प्रायोरिटी रैंक अल्गोरिद्म पर आधारित है।
गूगल सर्च का मुख्य उद्धेश्य वेब सर्वर पर सार्वजानिक रूप से उपलब्ध दस्तावेजों में शब्दों की खोज करना है ना की डेटाबेस में उपलब्ध चित्र या डाटा खोजना। यह मूल रूप से 1997 में लेरी पेज और सर्गेइ ब्रिन द्वारा विकसित किया गया था।

बिंग भी एक वेब सर्च इंजन है जिसे पहले लाइव (Live) सर्च, विंडोज लाइव सर्च एवं एम.एस.एन. (MSN सर्च) के नाम से भी जाना जाता था। इसे "डिसीजन इंजन" के रूप में माइक्रोसॉफ्ट द्वारा विज्ञापित किया गया था। बिंग का अनावरण 28 मई 2009 को माइक्रो सॉफ्ट के सीईओ स्टीव बाल्बर द्वारा किया गया।

अगली बार मिलते है कुछ ऐसी ही जानकारीवर्धक पोस्ट के साथ।

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13 अक्तूबर 2018

वेब ब्राउज़र क्या हैं? लोकप्रिय ब्राउज़र कौनसे हैं?

About Browser
Popular Browser
नमस्कार मित्रों, स्वागत है आपका अपना अंतर्जाल पर। आज की पोस्ट में बताऊंगा ब्राउज़र और उसके प्रकार आज की पोस्ट उनके लिए है जो अभी इंटरनेट पर नए है, क्योंकि बाकि तो सभी जानते हैं की ब्राउज़र क्या है?

ब्राउज़र (Browser) एक सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन है जो वर्ल्ड वाइड वेब पर कंटेंट को खोजने, प्राप्त करने (retrieve)एवं प्रदर्शित करने (display) में उपयोग में आती है, जैसे इमेजेज,वेब पेजेज, विडिओ कंटेंट्स आदि। एक क्लाइंट/सर्वर मॉडल की तरह, ब्राउज़र एक क्लाइंट की तरह काम करता है, जो यूजर के कंप्यूटर पर रन होता है। ब्राउज़र वेब सर्वर को संम्पर्क (कांटेक्ट) करके इन्फोर्मेशन रिक्वेस्ट करता है। उसके बाद वेब सर्वर इन्फोर्मेशन प्राप्त करके वापिस इन्फोर्मेशन वेब ब्राउज़र को भेज देता है, ब्राउज़र इस इन्फोर्मेशन को प्रोसेस करके कंप्यूटर पर डिस्प्ले कर देता है।

आज के ब्राउज़र अत्याधुनिक है एवं पुरी तरह से कार्यात्मक (fully functional) सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन है जो वेब सर्वर पर होस्टेड वेब पेजेज, एप्लीकेशन, जावा स्क्रिप्ट एवं अन्य तरह के कंटेंट्स को प्रोसेस और प्रदर्शित कर सकते हैं। वेब ब्राउज़र एक यूजर इंटरफेस, लेआउट इंजन, रेंडरिंग इंजन, जावा स्क्रिप्ट इंटरप्रेटर, यूजर इंटरफेस बेक एंड, नेटवर्क एवं डाटा कम्पोनेंट्स से मिलकर बनता है।

अधिकांश प्रमुख वेब ब्राउज़र के यूजर इंटरफेस में कुछ समान अवयव होते हैं जिनके नाम अलग-अलग ब्राउज़र में अलग-अलग हो सकते हैं।

ये अवयव (एलेमेंट्स) निम्नलिखित हैं :

* पीछे और आगे के बटन्स (बैक व फोरवर्ड बटन्स) : क्रमश: पिछले या आगे के संसाधन में जाने के लिए।
* एक रिफ्रेश या रीलोड बटन, मौजूदा संसाधन (रिसोर्स पेज) को फिर से लोड करने के लिए।
* एक स्टॉप बटन, रिसोर्स लोडिंग रद्द करने के लिए। कुछ ब्राउज़रों में, स्टॉप बटन को रीलोड के साथ विलय कर दिया जाता है, मतलब जब आप रीलोड बटन को दबाते है तभी स्टॉप बटन दिखाई देता है स्टॉप करने के लिए।
* एक होम बटन, यूजर (उपयोगकर्ता) के मुख्य पृष्ठ (होमपेज) पर लौटने के लिए।
* एक एड्रेस बार जो वांछित संसाधन या पेज का यूनिफार्म रिसोर्स आइडेंटिफायर (Uniform Resource Identifier - URI) इनपुट करने में काम आती है।
* एक सर्च इंजन में इनपुट शब्दों के लिए एक सर्चबार। कुछ ब्राउज़रों में, सर्च बार को एड्रेस बार के साथ विलय कर दिया जाता है। 
* एक स्टेट्स बार जो संसाधन या पेज को लोड करने में प्रगतिं प्रदर्शन करती है, साथ में जूमिंग बटन्स भी होते हैं।
* व्यूपोर्ट, ब्राउज़र विंडो के अंदर वेबपेज के दृश्य क्षेत्र।
* एक पेज के लिए HTML सोर्स (स्रोत) को देखने की क्षमता।
* प्रमुख ब्राउजरों में एक वेब पेज के अंदर खोज करने के लिए इंक्रीमेंटल फाइंड फीचर भी होता है।
* अधिकतर ब्राउजर HTTP सिक्योर को सपोर्ट करते हैं और वेब कैश, डाउनलोड हिस्ट्री को नष्ट करने के लिए त्वरित और आसान तरीके प्रस्तुत करते हैं।

वर्तमान में दो सबसे ज्यादा लोकप्रिय ब्राउज़र है - माइक्रोसॉफ्ट इन्टरनेट एक्स्प्लोरर / माइक्रोसोफ्ट एज और गूगल क्रोम। अन्य प्रमुख ब्राउज़रों में मोजिला फायरफॉक्स, एप्पल सफारी और ओपेरा शमिल है। 
क्रोम ब्राउज़र को डिफॉल्ट ब्राउज़र के रूप में सेट रखना चाहिए क्योंकि यह गूगल आधारित अन्य सेवाओं के साथ सहज एकीकरण (सीमलेस इंटीग्रेशन) के कारण और अधिक सुविधाजनक बन जाता है। सभी ब्राउज़र के डाउनलोड लिंक नाम में ही है।

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12 अक्तूबर 2018

वेबसाइट क्या है? इसके कितने प्रकार है?

What is a website? How many types are it?
Website

नमस्कार मित्रों, स्वागत है आपका , पिछली पोस्ट में आपने पढ़ा ब्लॉग क्या है? इ-कॉमर्स क्या है? क्लाउड स्टोरेज क्या है? यूआरएल क्या है? यदि आपने नही पढ़ा तो यहाँ क्लिक करे सभी पोस्ट एक ही जगह मिल जाएगी, आज आपको बताऊंगा वेबसाइट और उसके प्रकार के बारे में।

वेबसाइट क्या है?


एक वेबसाइट, वर्ल्ड वाइड वेब (www) फाइलों का एक सबंधित संग्रह है, जिसमे साथ में एक पेज भी होता है जिसे होमपेज कहते हैं। एक होमपेज वो पेज होता है जो किसी भी वेबसाइट को एक्सेस करने पर सबसे पहले खुलता है। प्राय: कोई भी कम्पनी या एक व्यक्ति जिसकी वेबसाइट होती है वो आपको अपनी वेबसाइट के होमपेज का पता (एड्रेस) देता है क्योंकि होम पेज के द्वारा आप पूरी वेबसाइट को नेविगेट कर सकते हैं और किसी भी पेज पर पहुंच सकते हो।

वेबसाइट से कई कार्य किये जा सकते हैं, वेबसाइट किसी की निजी वेबसाइट भी हो सकती है या फिर एक वाणिज्यिक वेबसाइट हो सकती है, एक सरकारी वेबसाइट या एक गैर-लाभकारी संगठन वेबसाइट हो सकती है। वेबसाइट एक व्यक्ति, एक व्यापार या अन्य संगठन का काम हो सकता है, और आमतौर पर एक वेबसाइट एक विशेष विषय या उद्देश्य के लिए समर्पित होती है। किसी भी वेबसाइट पर किसी अन्य वेबसाइट के लिए एक हाइपरलिंक शामिल कर सकते हैं।

वेब पेजेज को अलग-अलग आकार की कंप्यूटर आधारित एवं इंटरनेट सक्षम डिवाइस के द्वारा देखा या एक्सेस किया जा सकता है, जैसे डेस्कटॉप कंप्यूटर, लैपटॉप, पीडीए एवं मोबाइल फोन्स। एक वेबसाइट एक कंप्यूटर सिस्टम पर होस्ट किया जाता है जिसे वेब सर्वर कहते हैं, जिसे एचटीटीपी (HTTP) सर्वर भी कहा जाता है। HTTP के बारे में जानने के लिए ब्लॉग की पिछली पोस्ट पर जाएँ या यहाँ क्लिक करें।

वेबसाइट के प्रकार :

वेबसाइटों को व्यापक श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है।

स्थिर (Static) : स्टेटिक साइटों की इन्फोर्मेशन स्थिर होती है एवं यूजर के संवाद (इंटरेक्शन) की अनुमति नहीं डी जाती है।

गतिशील (Dynamic) : डायनामिक साईट वेब 2.0 का हिस्सा है, और इस साईट के मालिक और साइट आगंतुकों के बीच संवाद के लिए अनुमति देते हैं। उदाहरण के लिए ब्लॉग डायनामिक वेबसाइट का रूप है।

आजकल अधिकांश कॉर्पोरेट वेबसाइट डायनामिक होती है जो बेहतर ग्राहक संवाद और उपभोक्ता व्यवहार की सटीक ट्रेकिंग में मदद करती है। 

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11 अक्तूबर 2018

युनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर (URL) और HTTP एवं HTTPS क्या है?

What is Uniform Resource Locator
What is Uniform Resource Locator

नमस्कार मित्रों , जय माता दी! नवरात्रा चल रहे हैं, इस समय मन काफी धर्मिक प्रवर्ती का हो जाता है पुरे वर्ष में ये 9 दिन बहुत ही अच्छे गुजरते हैं, दिमाग भी ताजा रहता है। पिछली कुछ पोस्ट में अपने जाना ब्लॉग क्या है? और उसके प्रकार, इ-कॉमर्स क्या है? और क्लाउड स्टोरेज क्या है?, आज आपको बताने जा रहा हूँ युनिफोर्म रिसोर्स लोकेटर (URL) और HTTP तथा HTTPS के बारे में।

युनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर (URL):

एक युनिफोर्म रिसोर्स लोकेटर (युआरएल) आमतौर पर एक वेब पते के रूप में जाना जाता है, एक वेब संसाधन का संदर्भ है, युआरएल एक कंप्यूटर नेटवर्क पर इसका स्थान पता लगाने के लिए और उसको प्राप्त करने के लिए जाता है। यूआरएल वेब पृष्ठों (HTTP) के संदर्भ (Reference) के लिए सबसे अधिक उपयोग किये जाते हैं, लेकिन यह डाटाबेस एक्सेस (JDBC) फ़ाइल स्थान्तरण (एफटीपी), ई-मेल के लिए भी उपयोग किया जाता है। अधिकांश ब्राउजर वेब पेज के यूआरएल को एड्रेस बार में प्रदर्शित करते हैं।

url system
url system
यूआरएल एक वेबसाइट, फ़ाइल या सामान्य प्रारूप में दस्तावेज के लिए एक इंटरनेट पता है;
http://www.address/directories/file name

इंटरनेट से जुड़े प्रत्येक कंप्यूटर का अपना एक अनूठा यूआरएल होता है जिसके बिना दुसरे कंप्यूटर उस तक नहीं पहुंच सकते है। आमतौर पर एक यूआरएल को निम्न प्रकार से प्रदर्शित किया जा सकता है :

http://www.example.com/index.html

यह एक प्रोटोकोल (http), एक होस्ट नाम (www.example.com), और एक फ़ाइल नाम (index.html) इंगित करता है। TLDs (शीर्ष स्तर डोमेन) के कुछ उदाहरण सन्दर्भ नीचे साझा कर रहा हूँ ।

HTTP और HTTPS:

Top level domains
Top level domains
HTTP (हाइपर टेक्स्ट प्रोटोकॉल) वितरित, सहयोगी, Hypermedia सुचना प्रणाली के लिए एक एप्लीकेशन प्रोटोकॉल है। HTTP वर्ल्ड वाइड वेब के लिए डेटा संचार का आधार है। हाइपर टेक्स्ट संरचित टेक्स्ट होता है जो तार्किक लिंक (हाइपरलिंक) का उपयोग करता है। HTTP हाइपर टेक्स्ट का आदान-प्रदान या हस्तांतरण करने का प्रोटोकॉल है। क्लाइंट-सर्वर कम्प्यूटिंग मॉडल में एक अनुरोध-प्रतिक्रिया (request-response) प्रोटोकॉल के रूप में HTTP कार्य करता है। 

HTTP का उपयोग कर एक कंप्यूटर नेटवर्क पर सुरक्षित संचार के लिए प्रोटोकॉल HTTPS (HTTP Secure) है। HTTPS का संचार HTTP पर होता है पर इसमें कनेक्शन ट्रांसपोर्ट लेयर सिक्योरटी या सिक्योर सॉकेट लेयर द्वारा एन्क्रिप्टेड होता है।  HTTPS के लिए मुख्य प्रेरणा वेबसाइट के प्रमाणीकरण, गोपनीयता की सुरक्षा और डेटा के आदान-प्रदान की अखंडता है। यह विशेष एवं व्यापक रूप से उन इंटरनेट वेबसाइटों के लिए उपयोग लिया जाता है जहाँ पर वित्तीय लेन-देन होता है या फिर डेटा को गोपनीय रखने की जरूरत होती है।

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