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2026 में Blogging शुरू करना सही है? AI के दौर में ब्लॉगिंग का भविष्य

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ब्लॉगिंग खत्म नहीं हुई, बस बदली है 2026 में Blogging शुरू करना सही है या देर हो चुकी है? यह सवाल आज हर दूसरे नए डिजिटल क्रिएटर के मन में है। 2026 में जब AI tools कुछ सेकंड में लेख लिख रहे हैं, YouTube Shorts और Reels मिनटों में वायरल हो रहे हैं, और लोग वीडियो को टेक्स्ट से ज्यादा पसंद कर रहे हैं, तो क्या ब्लॉगिंग की जगह बची है? सीधा जवाब है हाँ, लेकिन पहले जैसी नहीं। क्या ब्लॉगिंग खत्म हो चुकी है? नहीं। ब्लॉगिंग खत्म नहीं हुई है, उसका स्वरूप बदला है। 2012 या उससे पहले जब ब्लॉग शुरू किए जाते थे, तब competition कम था। SEO आसान था। Google पर keyword डालो, अच्छा लेख लिखो और ट्रैफिक मिल जाता था। आज 2026 में हालत अलग है। अब • AI content की बाढ़ है • Google Helpful Content Update सख्त है • E E A T यानी Experience, Expertise, Authority, Trust ज़रूरी है • यूजर सिर्फ जानकारी नहीं, भरोसा चाहता है मतलब ब्लॉगिंग अब quantity का नहीं, credibility का खेल है। AI के दौर में ब्लॉगिंग की जगह बहुत लोग सोचते हैं कि AI आने के बाद ब्लॉगिंग बेकार हो जाएगी। सच उल्टा है। AI generic जवाब देता है। ब्लॉग व्यक्तिगत ...

8 साल बाद ब्लॉगिंग में वापसी | टेक, SEO और AdSense का नया सफर

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आठ साल बाद टेक ब्लॉगिंग में नई शुरुआत Blogging Comeback: 2012 से 2026 तक, 2G से 5G का सफर यह सिर्फ एक पोस्ट नहीं है। यह मेरी 2012 blogging journey का अगला अध्याय है। 2012 में जब मैंने यह हिंदी टेक ब्लॉग शुरू किया था, तब देश 2G से 3G की तरफ बढ़ रहा था। ब्लॉगिंग का दौर अलग था। लोग गूगल पर सवाल पूछते थे और ब्लॉग पढ़कर जवाब ढूंढते थे। उसी समय मैंने भी अपना hindi tech blog शुरू किया। SEO सीखना, AdSense समझना, टेम्पलेट बदलना, HTML से प्रयोग करना, यही मेरी दुनिया थी। 2012 से 2018 तक लगातार लिखा। सीखा, गिरा, संभला। Google अपडेट्स का असर देखा। कभी ट्रैफिक बढ़ा, कभी गिरा। उसी दौर में SEO and AdSense in Hindi को समझने की कोशिश की। धीरे धीरे यह साफ हुआ कि ब्लॉगिंग शॉर्टकट का खेल नहीं है। यह धैर्य और निरंतरता की परीक्षा है। लेकिन 2018 के बाद जिंदगी की प्राथमिकताएँ बदल गईं। ब्लॉग रुक गया। पोस्ट कम हो गईं। एक समय ऐसा आया जब लिखना लगभग बंद हो गया। टेक से रिश्ता नहीं टूटा, लेकिन टेक ब्लॉगिंग रुक गई। इसी बीच मेरा झुकाव फिल्मों की ओर बढ़ा। सिनेमा हमेशा से पसंद था, तो फिल्म समीक्षा और विश्लेषण लिखना शुरू ...